आज का शब्द: विस्मरण और सोम ठाकुर की कविता- तुम रहे हो द्वीप जैसे काव्य डेस्क
जब दिल किसी को चाहने लगता है, तो हर बात में मोहब्बत झलकती है — और उसी मोहब्बत को बताती है ये
हम बदमाशी के स्टूडेंट हैहम समझते नहीं है अपने दुश्मनो कोसीधा जान से मर देते हैं।
छोटी-छोटी बातों में तेरा ख्याल आना,ये इश्क़ नहीं तो फिर क्या है दीवानापन? ❤️
हम से टकराने की गलती मत करना,क्योंकि आग से खेलने वालों की राख बनते देर नहीं लगती।
ना ताज चाहिए, ना तख्त की हुकूमत,हम Trending Shayari तो अपनी नज़रों में बादशाह हैं।
तेरे नाम से शुरू होती है मेरी हर सुबह,और तेरे ख्यालों में ही ढल जाती है हर शाम। ❤️
बादशाह नही, टाइगर हूँ मैं,इसलिए लोग इज्ज़त से नही,मेरी इजाज़त से मिलते है।
कुसुमाग्रज की कविताएं सामाजिक सक्रियता की देन... काव्य डेस्क
“किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंजिल, कोई हमारी तरह उम्र भर सफर में रहा।”
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं।
जिन्हें मै छोड़ देता हूं, फिर उनका जिक्र खो देता हूं..
❝किसी ने मूझसे पूछा कि वादों और यादों में क्या अंतर है…
तू जब साथ होता है तो हर ग़म छोटा लगता है,तेरे बिना तो हँसना भी रोना लगता है। ❤️